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18 Minutes About Book Full Summary in Hindi

18 Minutes About Book Full Summary in Hindi

     इंट्रोडक्शन

    क्या आप बड़े सपने देखते है ? 

    आमतौर पर , जिन लोगों के सपने बड़े होते है , वो बहुत बिजी रहते है | उनके पास रोज़ करने वाली टास्क की एक लम्बी लिस्ट होती हैं| 

    उनके पास सांस लेने तक की फुर्सत नहीं होती | लेकिन , ऐसा करना आपके और आपके गोल्स के लिए सही नहीं है | 

    18 Minutes About Book Full Summary in Hindi


    अगर , आप हमेशा टायर्ड फील करेंगे तो आपमें किसी काम को जल्दी ख़त्म करने की एनर्जी नहीं बचेगी और आप क्रिएटिव भी नहीं रह पाएँगे | 

    इसके लिए आपको एक ऐसे सिस्टम की ज़रूरत पड़ेगी जो काम सच में करती है | ये बुक , आपको इम्पोर्टेन्ट चीज़ों पर फोकस करना और अपने काम को कैसे करना हैं , वो सिखाएगी | 

    इस बुक से आप अपने लाइफ को ऑर्गनाइज़ करना सीखेंगे | और , आप ये रियलाइज़ करेंगे कि कभी - कभी आपको रूककर , 

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    अपने लाइफ की स्ट्रेटेजी के बारे में दोबारा सोचना चाहिए ताकि आप बेहतर बन सके | अपने रिएक्शन को कंट्रोल करके अपने लाइफ को कंट्रोल कैसे करना है , 


    आप वो भी सीख जाएंगे | जब आप अपने इमोशंस को अपने फैसले लेने देते हैं तो ये बहुत गलत होता है | इसलिए , आपको कुछ सिंपल ट्रिक्स सीखने होंगे |

    क्योंकि खुद को पहचानने से ही सक्सेस का रास्ता खुलता हैं , ये बुक , आपको अपने पैशन को चुनने में गाइड करेगी | इसके लिए , 

    आपको सबसे पहले इस बुक में बताए गए 4 एलिमेंट्स पर फोकस करना होगा | अपने पैशन को ढूंढ़ने के बाद , 

    आप अपने दूसरे स्टेप की तरफ बढ़ सकते हैं जो है अपने लाइफ के फोकस एरियाज को चूज़ करना | अगर आप अम्बिशयस है ,

    तो इस चैप्टर से आप अपने स्कोप को बेहतर तरीके से समझेंगे और उसे बोझ जैसा महसूस नहीं करेंगे| इन प्रिंसिपल्स को जान लेने के बाद , 

    18 Minute About Book In Hindi

    लास्ट चैप्टर आपको टाइम - मैनेजमेंट रूटीन सिखाएगी जिससे आपकी लाइफ बदल सकती हैं| तो क्या आप अपने लाइफ को 18 मिनट्स में चेंज करने के लिए तैयार है ? 


    Chapter 1. Reducing Your Forward Momentum | आगे बढ़ने की होड़ को कम करना 

    हम सब अपनी गलतियों को मानने से डरते है | कुछ लोग जब किसी प्रोजेक्ट को शुरू करते हैं तो फुल स्पीड में काम करते हैं| 

    वो सोचते हैं कि ऐसा करने से उनको सक्सेस जल्दी मिल सकती हैं | लेकिन , कभी - कभी रूककर , सांस लेकर और फिर अपने स्ट्रेटेजी के बारे में दोबारा सोचना चाहिए | 

    जब भी आपको लगे कि आप कुछ गलत कर रहे हैं तो आपको कुछ देर के लिए खुद को स्लो कर देना चाहिए | 

    अगर आप एक बहस या झगडे में फंसे हैं और आपको लग रहा हैं कि शायद आप गलत साइड खड़े हैं, तो अपने स्पीड को स्लो करके , ध्यान से सोचना चाहिए कि आगे क्या कहना हैं | 

    दूसरी स्ट्रेटेजी हैं , रूककर फिर से शुरू करना , चलिए मानते हैं कि आप अपना एक बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं , और आपको लगता हैं कि आप गलत डायरेक्शन में जा रहे हैं या फिर आपका आईडिया सक्सेसफुल नहीं हो सकता | 

    इससे पहले कि आप अपने फेल होते बिज़नेस में ज़्यादा टाइम और पैसे लगाए , आपको ऐसे सिचुएशन में रुककर , सब कुछ फिर से शुरू करना चाहिए | 

    आइये , डॉक्टर एलन रोसेनफील्ड का एग्जाम्पल लेते हैं , वो कोलंबिया स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के डीन थे और उन्होंने हमेशा दूसरों की मदद में ही अपना ज़्यादातर जीवन बिताया , 

    18 Minutes About Book Full Summary
    18 Minutes About Book Full Summary 

    ख़ासकर HIV लोगों की मदद में | डॉक्टर एलेन एक बड़े लीडर थे और उनके गुज़र जाने के बाद स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ का नाम उनके ऊपर रख दिया गया , 

    एक बार डॉक्टर एलेन छोटे बच्चों को वेक्सिनेशन देने पर अपने दोस्त ली के साथ डिबेट कर रहे थे , डॉक्टर एलेन इस सब्जेक्ट में नॉलेज रखते थे और उनका मानना था कि बच्चों को वैक्सीन देना चाहिए| 

    अपनी बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने सॉलिड फैक्ट्स दिए जिसमें ये बताया गया कि किस तरह वैक्सीन ने लाखों लोगों को पोलियो और मीज़ल्स जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाया है | 

    दूसरी तरफ उनके दोस्त ली , वैक्सीन के खिलाफ थे | ली ने इंटरनेट में एक आर्टिकल पढ़ी थी जिसके बेसिस पर वे अपनी बात को सही मान रहे थे | 

    उन्होंने कहा कि वो आर्टिकल साबित करता हैं कि वैक्सीन से काफी लोगों को नक्सान पहुंचा हैं |

    डॉक्टर एलेन इस सब्जेक्ट के एक्सपर्ट थे इसलिए वे ली के बिना ठोस सबूत वाले आर्टिकल के ऊपर हंस भी सकते थे | लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया| 

    उन्होंने गुस्सा करने और खुद को सही साबित करने के बजाय , बहस करना बंद कर दिया , थोड़ा स्लो हुए और थोड़ी देर सोचा| 

    फिर , डॉक्टर एलेन ने ली से कहा कि उन्होंने उस आर्टिकल को नहीं पढ़ा हैं और उसे पढ़ने के बाद ही अपना फीडबैक देंगे | काफी लोग ये सोचते हैं कि अगर वे अपनी गलती मानेंगे तो वे अपना सम्मान , पोजीशन और पावर खो देंगे | 

    लेकिन , सच्चाई इसके ठीक उलटी हैं | पूरी दुनिया के सामने अपनी गलती को मानना , एक स्ट्रांग और मजबूत शख्स होने की निशानी हैं | 

    इसलिए अगर आपकी कोई बात या फिर कोई काम नहीं बन रहा तो उसे ख़त्म करके कुछ और नया शुरू करने में कोई गलत बात नहीं हैं| 

    अपने ज़िद में अपने फ्यूचर के मौक़ों को मत खोइए | ऐसी सोच जो आपको रोके रखे , उसे छोड़ देनी चाहिए | यही सक्सेस पाने और आगे बढ़ने का रास्ता हैं |


    Chapter 2: Where Do You Want To Land? | आपको कहाँ पहुंचना हैं ? 

    आपको याद हैं , आपके स्कूल के मैथ्स टीचर को आप पसंद नहीं करते थे और उनकी ही वजह से आप मैथ्स में फ़ैल हो गए थे और शायद डिग्री भी नहीं ले पाए थे | 

    बहुत सारे लोग ऐसी ही जाल में फंस जाते हैं क्योंकि हम बाहर के फैक्टर्स को हमारी प्रेजेंट सिचुएशन के नतीजों पर हावी होने देते हैं | 

    अपने फ़ैसलों के बारे में बात करें तो , हमें लगता हैं कि हमारे लाइफ का कंट्रोल हमारे हाथ में हैं , पर आप गलत हैं | अक्सर , किसी ट्रिगर जब आप बिना सोचे झट से रियेक्ट करते हैं , 

    उसकी वजह से आप इन नतीजों पर पहुंचते हैं | एग्जाम्पल के लिए आपके मैथ्स टीचर , जिन्होंने आपको कम मार्क्स देने का डिसीज़न लिया | आपको अपना फोकस बदलना होगा | 

    लाइफ के ट्रिगर को हमारे नतीजों को कंट्रोल करने देने के बजाय आपको खुद ही अपने नतीजों को कंट्रोल करना होगा | 

    आप ऐसा तभी कर पाएंगे जब आप ये सोच लेंगे कि आपको क्या नतीजा चाहिए | फिर , आपको स्लो हो जाना चाहिए और वैसा रिएक्शन ढूंढना चाहिए जो गारंटी देगी कि आपने जैसा सोचा हैं , वही नतीजा निकलेगा और आपको मनचाहा सक्सेस मिलेगा | 

    इस बुक के ऑथर पीटर एक कंसलटेंट भी हैं | उनके एक क्लाइंट का नाम हंटर था जिनकी कंपनी पर बहुत सारे केस चल रहे थे और उनका नाम प्रेस के सामने बहुत ही ख़राब था | पीटर , हंटर के प्रॉब्लम्स को सुलझाना चाहते थे |

    एक दिन हंटर ने पीटर से कहा कि दिखने में वो उनके हेल्प के किए रेडी लगते हैं पर वे उनके कंपनी को इन प्रॉब्लम्स से उबार नहीं पाएंगे | हंटर ने पीटर से ये भी कहा कि उन्होंने पहले भी बहुत सारे कंसल्टेंट्स को हायर किया था और पीटर के फेल होने के बाद आगे भी कंसल्टेंट्स हायर करेंगे 

    इस बात को सुनकर , पीटर को बुरा लगा और हंटर के ऑफिस से निकलने के बाद उन्होंने फ़ौरन अपने अंकल को कॉल किया और अंकल से कहा कि वे हंटर को पसंद नहीं करते इसलिए वे उसके कंपनी के लिए काम नहीं करेंगे | 

    Built to Last : Successful Habits of Visionary Companies About Book

    अंकल इस बात को सुनकर हँसे और पीटर को एक इम्पोर्टेन्ट लेसन सिखाया | उन्होंने कहा कि ये ज़रूरी नहीं कि हम जिसके साथ बिज़नेस करते हैं , वो हमें पसंद आए | 


    हमें तो बस अपने बिज़नेस या काम पर ध्यान देना चाहिए | इसलिए पीटर ने डिसाइड किया कि वे हंटर के लिए काम करेंगे और वहाँ उन्होंने काफी सालों तक काम भी किया | 

    18 Minutes About Book Full Summary image
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    एक दिन पीटर हंटर के ऑफिस गए और वहाँ शेल्फ में अपनी लिखी हुई बुक देखी | पीटर ने पूछा कि क्या हंटर ने उस बुक को पढ़ा हैं ? हंटर ने जवाब दिया , हाँ उसने वो बुक पढ़ी हैं और ये भी बताया कि बुक बहुत अच्छी हैं|


    उस एक बातचीत ने पीटर के मन में हंटर के लिए उनकी सारी भावनाओं को बदल दिया | अब , वे हंटर को पसंद करने लगे थे | 


    अगर पीटर ने हंटर को नापसंद करने की वजह से उसके कंपनी में काम नहीं किया होता तो उन्हें वो जॉब नहीं मिलती जो उन्हें सालों तक पैसे देता रहा | 


    यही होता हैं जब हम अपने रिएक्शन को डिसाइड करने देते हैं कि हमें आगे क्या करना हैं | और , इन्हीं वजहों से हम बहुत सारे अच्छे मौक़े भी खो देते हैं | 


    Chapter 3: Choosing Your Next Move At The Intersection Of Four Elements | फोर एलिमेंट्स के इंटरसेक्शन पर अपना अगला कदम चुनिए 

    हम बहुत ही शोर - शराबे वाली दुनिया में रहते हैं और बहुत सारे चीज़ों को करना चाहते हैं | कभी - कभी हमें लगता हैं कि हम ये कर नहीं पाएंगे क्योंकि हमें पता ही नहीं होता कि क्या चूज़ करना हैं | 

    फिर , आखिर में हम कुछ नहीं करने का फैसला लेते हैं | आप अभी से इस पर काम करना शुरू नहीं करेंगे तो आगे जाकर लाइफ में इतने ज़्यादा मौके आएँगे कि आप distract हो सकते हैं | आपको चार एलिमेंट्स पर ही फोकस रखना हैं | 

    फर्स्ट एलिमेंट , आपको अपनी ताकत के बारे में पता होना चाहिए और इसमें मास्टर बन जाने तक खुद को इम्प्रूव करना चाहिए | जब आप उस बात पर अपना फोकस रखते हैं जिसमें आप बेस्ट हैं तो आपके जीतने के ज़्यादा चान्स होते हैं | 

    सेकंड एलिमेंट , अपनी कमजोरियों से भागिए नहीं बल्कि उसे अपनाइये | इस कमज़ोरी से फायदा उठाने की कोशिश कीजिये | 

    अगर लोगों को पता चलेगा कि आपको अपनी कमजोरियों से कोई तकलीफ नहीं हैं तो आपको कोई हरा नहीं पाएगा | 

    थर्ड एलिमेंट , अगर आपमें कुछ बात हैं जो सबसे यूनिक , सबसे अलग हैं तो उसे चेंज मत कीजिये | दुनिया से अलग और डिफरेंट होना बड़ी बात होती हैं| 

    जब आप वही करते हैं जिसे पूरी दुनिया फॉलो कर रही हैं तो आप कम्पीटीशन में शायद ही जीत पाएँगे | 

    इसलिए आपमें जो बात अलग हैं उसे एक एडवांटेज की तरह लीजिये और उसका फायदा उठाइये | फोर्थ एलिमेंट हैं अपने लाइफ का पैशन ढूंढ़ना | 

    जब आप आने वाले साल की प्लानिंग शुरू करेंगे तो आप फोकस अपनी इच्छा पर रखे , न की उन चीज़ों में जिससे आप पैसे बनाते हैं | आपका पैशन ही एक ऐसी चीज होनी चाहिए जिसे आप हमेशा कर सके और उसे करने के लिए कुछ सोचना न पड़े | 

    चलिए एक परफेक्ट एग्जाम्पल देखते हैं कि कैसे एक इंसान ने अपनी कमज़ोरी को अपनाकर उससे अपना काम बनाया | जॉफ एक सक्सेसफुल आदमी हैं और बड़े दिलवाले होने के लिए बहुत फेमस हैं| 

    चैरिटी फाउंडेशन को अपनी जायदाद का बड़ा हिस्सा देना उनका सबसे बड़ा अचीवमेंट था | एक बार जॉफ अपने दोस्त के साथ लंच कर रहे थे , तभी वहाँ वेटर आर्डर लेने आया | 

    जॉफ ने उससे श्रिम्प - सैलड मंगाया लेकिन कहा कि उन्हें अपना सैलड सैल्मन के साथ चाहिए , श्रिम्प के साथ नहीं | 

    वेटर ने हंसकर जॉफ से कहा कि वो इसका अरेंजमेंट कर लेगा और कहा कि इसके लिए उन्हें एक एक्स्ट्रा डॉलर देने पड़ेंगे क्योंकि सैल्मन श्रिम्प से ज़्यादा महंगा हैं | 

    कुछ पल सोचने के बाद जॉफ ने कहा कि अब वे श्रिम्प ही लेंगे , सैल्मन नहीं | हालांकि , जॉफ काफी अमीर हैं लेकिन फिर भी वे एक डॉलर की भी कीमत समझते हैं | 

    कुछ लोग कह सकते हैं कि जॉफ बहुत कंजूस हैं या फिर अजीब हैं लेकिन उन्हें जॉफ की इस सोच के बारे में कुछ नहीं पता जिसने उन्हें सक्सेस्फुल बनाया हैं | जॉफ अपने प्रिंसिपल्स को बहुत ही स्ट्रिक्टली फॉलो करते हैं | 

    उनका मानना हैं कि अगर कोई चीज़ रिटर्न में डबल वैल्यू नहीं देती तो उसके लिए अपने पैसे लगाना बेकार हैं , फिर चाहे वो एक डॉलर ही क्यों न हो | जॉफ एक ऐसे एग्जाम्पल हैं जिन्होंने अपनी कमज़ोरी को अपने खिलाफ नहीं बल्कि अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया | 

    इन्हीं प्रिंसिपल्स की वजह से उन्होंने अपना दौलत बनाया | जॉफ का पैसे के लिए जो ये अजीब नज़रिया हैं , उसे उन्होंने दिल से अपनाया हैं | 

    अगर आप एक ऐसी जिंदगी जीना चाहते हैं जो दूसरों से अलग हैं तो आपको खुद को पहचानना होगा | आपको अपनी ताकत और कमज़ोरी के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि आप उन पर फोकस करके उन्हें अपने काम में लगा सके | 

    दूसरों से अलग होने की वजह से आपको शर्मिंदा होने की ज़रूरत नहीं हैं | आपको सक्सेसफुल बनना हैं क्योंकि आप अलग हैं , यूनिक हैं |


    Chapter.4 Deciding What To Do | क्या करना हैं , डिसाइड कीजिये

    क्या आपको वो वक़्त याद हैं जब आपके पास करने के लिए बहुत सारे काम होते थे लेकिन आपको पता ही नहीं था कि स्टार्ट कहाँ से करना हैं | हम सभी को इससे गुज़ारना पड़ता हैं | 

    हमें लगता हैं कि किसी काम को ज़्यादा करने से हम ज़्यादा प्रोडक्टिव होंगे लेकिन हकीकत में ये इससे ठीक उल्टा हैं | अगर आपके लिस्ट में करने के लिए बीस काम हैं तो , 

    आप थक जाएंगे और हार्डवर्क करने के बजाय , आप बस रुक जाएंगे | हर साल आपका फोकस पांच चीज़ों पर होना चाहिए , जिसमें से तीन गोल अपने काम के लिए और दो अपने पर्सनल लाइफ के लिए होंगे | 

    इसलिए जब आप अपने टू - डू लिस्ट बनाएंगे , उसमें सिर्फ वो पांच चीजें लिखिए जिनमें आपका फोकस रहता हैं | फियोरेला एक मिड - साइज टेक कंपनी की सेल्स हेड थी | 

    उन्होंने पीटर की हेल्प मांगी क्योंकि वो बहुत कन्फ्यूज्ड फील कर रही थी | फियोरेला के पास करने के लिए काफी कुछ था | 

    उन्हें एशिया में सेल्स के परफॉरमेंस के मुद्दे को सॉल्व करना था , US टीम के कुछ प्रॉब्लम को भी फिक्स करना था, और CEO के साथ स्ट्रेटेजी भी डिसकस करनी थी | 

    ये सब टास्क फियोरेला के उस एक दिन के टू - डू लिस्ट में लिखा था , इसके अलावा भी उन्हें बहुत कुछ करना था | फियोरेला के पास इतना ज़्यादा काम था कि उन्हें पता ही नहीं था कि करना क्या हैं | 

    वो बिलकुल ठंडी पड़ जाती और कुछ भी स्टार्ट नहीं कर पाती थी | ऐसा इसलिए होता था क्योंकि उन्होंने पहले से ही इन कामों के आगे हार मान ली थी | उन्हें सांस लेने के लिए कुछ पल चाहिए थे | 

    फिर जब फियोरेला ने अपने लिस्ट को ऑर्गनाइज़ करने का सोचा , उन्हें उसमें ऐसे काम दिखे जो इम्पोर्टेन्ट नहीं थे | ये काम बस कैलेंडर में जगह घेर रहे थे और यही उन्हें परेशान करते थे | 

    अगर आप एक अम्बिशयस शख्स हैं तो आपको ऑर्गनाइज़ होने की ज़रूरत हैं वरना आप कुछ भी काम नहीं कर पाएंगे | 

    सबसे पहले , उन पांच कैटेगोरीज़ के बारे में डिसाइड कीजिये जिनमें आपको इस साल फोकस करना हैं | फिर , एक ऐसी लिस्ट तैयार कीजिये जिससे आप अपने इन गोल्स को अचीव कर सकें | 

    ऐसा करने से आप ये पक्का कर लेंगे कि आपका टाइम वेस्ट नहीं होगा | इससे आप फोकस्ड रहेंगे , आपको कोई डर नहीं होगा और सारा दिन थका - हारा मह्सूस नहीं करेंगे | 

    एक कहावत हैं , " कभी - कभी कम भी ज़्यादा होता हैं | " आपको 2021 के लिए अपने पांच गोल्स सोचने चाहिए | बस याद रखिए , आपको तीन करियर गोल्स और दो पर्सनल गोल्स बनाने हैं| 


    Chapter 5 Getting Things Off Your To - do List | अपने टू - डू लिस्ट में से चीजें निकालिये 

    जब आपने फोकस करने के लिए पांच कैटेगोरीज़ चूज़ कर लिए और अपने सारे टास्क को सही कैटेगोरीज़ में रखना भी सीख लिया , तो अब टाइम हैं अपने बाकी के दूसरे टास्क के बारे में सोचने का | 

    सब कुछ ऑर्गनाइज़ करने के बाद आपके पास वो टास्क बच जाएंगे जिनकी कोई कैटेगरी नहीं हैं पर आपको इन्हें भी करना हैं | आपके पास ऐसे काम भी होंगे जिसे आप दिन में कभी पूरा नहीं कर पाएंगे | 

    तो , आप ऐसे टास्क का क्या करेंगे ? आप बैठकर अपने लिस्ट को रिव्यु कीजिये | आपके पास चार चॉइस हैं | आप इन टास्क को अभी कर सकते हैं या फिर कल या परसों के लिए भी टाल सकते हैं | 

    आप इन टास्क को ऐसे लिस्ट में भी रख सकते हैं जिसे आप बाद में कभी न कभी ज़रूर करेंगे या फिर इन टास्क को आप छोड़ दीजिये | 

    ट्रिक ये हैं कि आपको किसी भी टास्क को तीन दिनों से ज़्यादा तक टू - डू लिस्ट में नहीं रखनी चाहिए | इस अधूरे टास्क से आप थका सा महसूस कर सकते हैं , इनके बोझ के नीचे दब सकते हैं और खुद को कहीं खो सकते हैं | 

    ऐसा भी हो सकता हैं कि आपको गुस्सा आए और आप ऐसा व्यवहार करें जो आपकी नेचर में ही न हो | 

    आइये डोव का एग्जाम्पल लेते हैं | डोव एक प्रोफेशनल सर्विस फर्म के सीईओ हैं | उनकी लाइफ बहुत ही सक्सेसफुल हैं और सभी उन्हें पसंद करते हैं क्योंकि वे एक अच्छे इंसान भी हैं | 

    डोव के पास एक सक्सेसफुल जॉब हैं , ख़ुशहाल शादीशुदा जिंदगी और बच्चे हैं | वो इंटेलीजेंट भी हैं और अपने कम्युनिटी का भी ख़याल रखते हैं | डोव काफी बुक्स पढ़ते हैं जिस वजह से पार्टियों में लोग उनके आसपास रहना पसंद करते हैं | 

    हालांकि , एक दिन डोव ने अपना फ़ोन फेंक दिया था जो उनके किसी एम्प्लोयी को लगते - लगते बचा | लेकिन , इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि ऐसा करना उनकी आदत नहीं हैं , ये उनकी पहचान हैं ही नहीं | डोव एक अच्छे इंसान हैं जिन्हें सारे लोग पसंद करते हैं तो आखिर उस दिन उन्हें हुआ क्या था ?

    सिंपल तरीके से कहे तो , उनके टास्क की लम्बी सी लिस्ट को लेकर वे परेशान थे | डोव के काफी काम ऐसे रह गए थे जिन्हें वो पूरा नहीं कर पाए थे | इस वजह से वे खुद को बेकार महसूस करते थे | 

    उनके पास जो भी अचीवमेंट थे उन्हें लेकर वे बिलकुल खुश नहीं थे | उन्हें लगता था कि वे और भी बहुत कुछ कर सकते हैं | फ़ोन फेंकने के बाद , डोव ने माफ़ी मांगने की कोशिश की और सब कुछ ठीक करना चाहा | 

    लेकिन प्रॉब्लम ये थी कि लोगों के सामने उनकी एक गलती भी लोगों का नज़रिया बदल सकती थी | यही वो पल था जो डोव की पहचान बन गई क्योकिं वो अपने टू - डू लिस्ट को सही तरीके से चला नहीं पाए थे | 

    अगर आप डोव की तरह गुस्से से नहीं फूटना चाहते तो आपको एक सिंपल सी ट्रिक सीखनी चाहिए | हर सुबह आपको अपने फ़ोन अलार्म को एक - एक घंटे के लिए सेट करना चाहिए | 

    फिर आप खुद से दो सवाल कीजिये | पहला सवाल , जो पिछला एक घंटा गुज़रा , क्या मैं उसमें प्रोडक्टिव रहा ? दूसरा , ऐसा मैं क्या कर सकता हूँ जिससे अगला एक घंटा पहले वाले से बेहतर हो | 

    ऐसा करने से आपका फोकस अभी के टास्क पर टिका रहेगा और लिस्ट के बाकी टास्क आपको बेचैन नहीं करेंगे | आपको अपने हर घंटे को यूज़ करना चाहिए |


    Chapter 6: Creating A Daily Ritual | अपना डेली रूटीन तैयार कीजिए 

    क्या आपको एक दिन में सबकुछ करने का टाइम मिल जाता हैं ? बेशक नहीं | सब लोग शिकायत करते हैं कि उनके पास टाइम की कमी हैं और यही प्रॉब्लम हैं | 


    हमने पिछले चैप्टर्स में जाना कि हमें अपने टू - डू लिस्ट के फाइव कैटेगोरीज़ पर फोकस कैसे करना हैं , जिनमें तीन कैटेगोरीस अपने काम या जॉब से रिलेटेड और बाकी के दो कैटेगोरीज़ आपके पर्सनल लाइफ के लिए होते हैं | 


    एक आर्गनाइज्ड लिस्ट रखने से टाइम की कमी की प्रॉब्लम एक मैजिक की तरह ख़त्म नहीं हो सकती| 

    असली चैलेंज तो हैं आपके प्लान की एक्सेक्यूशन यानी की आप अपने प्लान को कैसे चलाते हैं | इतने सारे distractions के रहते हुए आप अपने प्लान पर कैसे टिके रह सकते हैं , ये एक बड़ा सवाल हैं | जवाब बहुत ही सिंपल हैं | आपको एक रूटीन बनानी पड़ेगी | 


    ये हैं 18 मिनट्स टेक्निक | सबसे पहले , हर सुबह अपने टू - डू लिस्ट के प्लानिंग के लिए पांच मिनट लगाइये | याद रखिये , आपको वही काम लिखने हैं जो आपके पांच कैटेगोरीज़ में फिट बैठते हो | 


    फिर , हर घंटे आपको एक मिनट के लिए अपनी प्रोडक्टिविटी चेक करनी चाहिए और देखना चाहिए कि आप कैसे और इम्प्रूव कर सकते हैं | 


    सबसे लास्ट स्टेप हैं , हर रोज़ दिन के आखिर में पांच मिनट के लिए ये रिव्यु करना कि आपका दिन कैसे बिता | आप ये पूछ सकते हैं कि आपने दिन भर में क्या सीखा ? आपको कौन सी बात में इम्प्रूव करना हैं ? जैक ललान एक फिटनेस गुरु थे | 


    वो लोगों से भरी नावों के साथ खुद को बांधकर , एक माइल तक स्विम करके इन नावों को खींचने के लिए फेमस थे | ऐसा करना काफी यूनिक है जिसके लिए काफी पावर चाहिए | 


    जैक का शो टीवी पर आता था और ये शो अमेरिका के टीवी पर चलने वाली सबसे लम्बी फिटनेस शो थी | ये 34 सालों तक चली थी | 


    लोगों को ये नहीं पता था कि जैक एक टीवी सेलिब्रिटी से बढ़कर थे | उन्होंने बहुत सारे एक्सरसाइज मशीन बनाए जो पूरी दुनिया में मशहूर थे | 


    इनमें से एक था वेट selectors मशीन जो हेल्थ क्लब में यूज़ होता था | जैक के सक्सेस का सीक्रेट बहुत ही सिंपल था | उन्होंने अपने लिए एक सॉलिड रूटीन बनाई थी जिसे वो रोज़ फॉलो करते थे | 


    जैक हर सुबह दो घंटों के लिए एक्सरसाइज करते | डेढ़ - घंटों के लिए वेट - लिफ्टिंग करते , और बाकी के आधे घंटे में स्विम या वॉक करते | 


    नब्बे साल की उम्र में जैक गुज़र गए पर आखिरी दिनों तक वे अपनी उम्र के बावजूद अपना रूटीन फॉलो करते रहे | उनकी लिखी हुई आखिरी बुक थी ' लिव यंग फॉरएवर ' जो उनकी ग्यारहवी बुक थी| 


    90 की उम्र में बुक लिखना आसान बात नहीं हैं लेकिन अपने ओल्ड ऐज में वेट लिफ्ट करना सुपर ह्यूमन जैसा हैं | जैक को पता था कि अपना फोकस कहाँ रखना हैं और वे इस बात को कभी नहीं भूलते थे | 


    उन्होंने कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली क्योंकि वे अपने रूटीन के पावर में बिलीव करते थे | अगर आपको भी जैक जैसा एक्स्ट्राऑर्डिनरी और सक्सेसफुल बनना हैं तो आपको अपने गोल्स को अपना रिचुअल बनाना होगा | 

    18 मिनट्स रिचुअल को अपने लाइफ में अप्लाई करना शुरू कीजिये और देखिए कि आपकी लाइफ रोज़ कैसे बेहतर होती हैं | 

    कन्क्लूज़न

    तो अब आप जान गए हैं कि कैसे अपने 18 मिनट खर्च करके अपनी लाइफ बदल सकते हैं | ये जानने के बाद अब आप थोड़ी देर रिलैक्स कर सकते हैं | 


    आपको जो भी बातें रोक कर रखती हैं , आपको उन्हें छोड़ना होगा | खुद की गलतियों को मानना कमजोरी नहीं हैं बल्कि ये एक स्टेप हैं जिससे आप बेहतर सोचेंगे और अच्छा काम करेंगे | 


    आपने यह भी सीखा कि अपने रिएक्शन को कैसे कंट्रोल करना हैं ताकि आप अपने लाइफ को कंट्रोल कर सके | यह हमेशा आपकी इमोशंस पर डिपेंड नहीं करता | आपको अपने फ़ैसलों के बारे में स्मार्ट होना ज़रूरी हैं और भले ही कितना मुश्किल क्यों न हो , आपको हमेशा सही स्टेप लेना चाहिए | 


    अपनी लाइफ को बदलने के लिए आपको चार एलिमेंट्स पर फोकस रखना होगा | ये एलिमेंट्स हैं आपकी ताकत , कमज़ोरी , आपके डिफरेंसेस और लाइफ के पैशन | 


    इस बुक में , आपने हर साल अपने लाइफ के पाँच एरिया को कवर करने के लिए अपने गोल्स को कम करना सीखा | अगर आप पाँच से ज़्यादा कैटेगोरीज़ पर फोकस करते हैं तो आप गुम हो जाएंगे क्योंकि आपके सबको एक साथ हैंडल नहीं कर सकते | 


    आपने 18 मिनट की रूटीन भी सीखी जो आपको फोकस करने में हेल्प कर सकती हैं और आपके डिस्ट्रैक्शंस को भी हटाती हैं | 

    इस रूटीन को फॉलो करने के लिए आपको रोज़ सुबह पाँच मिनट अपने प्लानिंग में लगाने चाहिए | फिर , आपको हर घंटे एक मिनट के लिए अपने प्रोडक्टिविटी को चेक करना चाहिए और दिन ख़त्म होने पर पाँच मिनट अपने पूरे दिन का रिव्यु करना चाहिए | 


    इस रिचुअल को रोज़ फॉलो करके आप अपने सक्सेस के लिए एक स्ट्रांग फाउंडेशन बना सकते हैं | तो , इंतज़ार किस बात का ? 18 मिनट टेक्निक को यूज़ करके आप अपने गोल्स हासिल कर सकते हैं |आप ऐसी डेली रूटीन बनाइये जो विनर्स के लिए बनी हैं |

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